सहारनपुर, मार्च 23 -- देवबंद। चैत्र नवरात्र के चौथे दिन मां कूष्मांडा की विधि विधान से उपासना की गई। श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर में रविवार को पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। रविवार को श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर सेवा ट्रस्ट अध्यक्ष पंड़ित सतेंद्र शर्मा ने बताया मान्यता के अनुसार सृष्टि आरंभ से पहले जब चारों ओर अंधकार था और समय का भी अस्तित्व नहीं था, तब मां कूष्मांडा ने अपनी मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की। मां की कांति और आभा सूर्य के समान है। मां का यह स्वरूप अन्नपूर्णा का है और शाकंभरी रूप धर देवी ने शाक से धरती को पल्लवित कर शताक्षी बनकर असुरों का संहार किया। पंडित सतेंद्र शर्मा ने बताया कि यह प्रकृति और पर्यावरण की अधिष्ठात्री है। वह एकमात्र ऐसी देवी हैं जो सूर्य मंडल के भीतर भी निवास करने की ...