विधिक व्यवसाय केवल जीविका का साधन मात्र नहीं
मेरठ, जुलाई 2 -- विधि व्यवसाय केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि न्याय, नैतिकता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का महत्वपूर्ण दायित्व है। शिक्षकों और अधिवक्ताओं को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निष्पक्षता, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करना होगा। सरदार पटेल सुभारती इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ में विधि क्षेत्र में समकालीन विकास, उभरती चुनौतियां एवं बहु-विषयक दृष्टिकोण विषय पर रिफ्रेशर कोर्स के शुभारंभ में यह बात निदेशक न्यायमूर्ति राजेश चन्द्र ने कही। कार्यवाहक डीन एवं प्राचार्य प्रो. रीना बिश्नोई ने कहा कि बदलते सामाजिक और तकनीकी परिवेश में विधि शिक्षा को निरंतर अद्यतन बनाए रखना समय की जरुरत है। यह रिफ्रेशर कोर्स शिक्षक, शोधार्थी एवं विधि विशेषज्ञों को न्यायिक व्यवस्था में हो रहे नए परिवर्तनों से जोड़ने का प्रभावी मंच प्रदान करेगा।प्रो. त...
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