सिमडेगा, मार्च 19 -- सिमडेगा, जिला प्रतिनिधि। विधायक विक्सल कोंगाड़ी ने गैर सरकारी संकल्प के माध्यम से वन अधिकार अधिनियम का मुद्दा विस्तार से उठाया गया। उन्होंने कहा कि यह कानून अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासियों के ऐतिहासिक अधिकारों को मान्यता देने के लिए बनाया गया था। लेकिन अब भी कई स्तरों पर इसके प्रावधानों का पूर्ण लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने बताया कि औपनिवेशिक काल में आदिवासी समुदायों को उनके पारंपरिक वन अधिकारों, वन भूमि, लघु वनोपज और प्राकृतिक संसाधनों से वंचित कर दिया गया था। वन अधिकार कानून-2006 का उद्देश्य इस ऐतिहासिक अन्याय को दूर करना है, जिससे आदिवासियों के अस्तित्व, पहचान और आजीविका को संरक्षण मिल सके। -

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