लखनऊ, अप्रैल 30 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होते ही सबसे पहले विधायी कार्यों को निपटाया गया। करीब 11 मिनट की इस कार्यवाही के बाद नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य द्वारा 'नारी सशक्तिकरण' विषय पर एक प्रस्ताव को प्रस्तुत किया गया, जिसमें कहा गया कि यह सदन प्रस्ताव करता है कि 'भारत के संविधान' में लैंगिक समानता की अवधारणा प्राविधानित है। महिलाओं को राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में एनडीए सरकार के कार्यकाल में महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित की गई है, परन्तु अभी तक उन्हें संविधान की मंशा के अनुरूप अपेक्षित स्थान नहीं मिल सका है। राजनैतिक, सामाजिक क्षेत्र में भी महिलाओं को निर्णय का अधिकार प्राप्त होना चाहिए। यह भी पढ़ें- विधान परिषद- विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण का विरोध कर आधी आबादी के साथ कि...