लखनऊ, अप्रैल 28 -- महिला आरक्षण मुद्दे पर गुरुवार को होने वाला विधानसभा सत्र हंगामेदार होने का आसार हैं। विपक्ष ने जहां सदन और उसके बाहर सरकार को घेरने की योजना तैयार की है, वहीं सरकार ने सार्थक चर्चा की तैयारी की है। इसमें महिलाओं को ही अधिक बोलने का मौका दिया जाएगा।परिसीमन के साथ नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं होने के मामले पर महिला सशक्तीकरण के मुद्दे पर दोनों ही सदनों में अनवरत चर्चा होगी। 18वीं विधान सभा में कुल 51 महिला सदस्य हैं, इनमें सर्वाधिक 30 सदस्य भाजपा की हैं। सपा की 15, अपना दल की चार, कांग्रेस व रालोद की एक-एक महिला सदस्य हैं। यह भी पढ़ें- विधानसभा का कल होने वाला सत्र हंगामी होने के आसार वहीं, 100 सीटों वाली विधान परिषद में मात्र चार महिला सदस्य हैं। इनमें तीन भाजपा व एक निर्दलीय हैं।बुधवार 29 अप्रैल ...