विधवाओं की सामाजिक स्थिति को दर्शाया है 'संवदिया'
गया, मई 26 -- शिवनगर में 'कहानी विद कॉफी' कार्यक्रम की बीसवीं कड़ी में कहानी 'संवदिया' के पाठ एवं चर्चा का आयोजन किया गया। वक्ता राम प्रसाद सिन्हा ने कहा कि कथाकार फणीश्वर नाथ रेणु द्वारा रचित प्रसिद्ध कहानी 'संवदिया' एक विधवा नारी की वेदना और एक निर्धन युवा संवदिया के मानवीय संवेदना की प्रस्तुति है। गांव की हवेली की बड़ी बहुरिया अपने जीवन से तंग आकर संवदिया के द्वारा अपनी मां के पास संदेश भेजवाती है कि उसकी मां उसे वापस बुला ले, अन्यथा वह अपनी जान दे देगी। संवदिया बड़ी बहुरिया को गांव की लक्ष्मी मानता था और उसे ऐसा लगा कि उसके जाने से उसके गांव की इज्जत मिट्टी में मिल जाएगी। कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षक पवन कुमार के द्वारा कहानी पाठ से हुई। हिमांशु शेखर ने कहा कि इस कहानी के माध्यम से विधवाओं की सामाजिक स्थिति को दर्शाया गया है। प्रो. शिव ...
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