लखनऊ, जनवरी 7 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। विद्युत संशोधन बिल पर 22-23 जनवरी को केंद्र सरकार प्रदेश सरकारों के साथ बैठक करेगी। सभी राज्यों के मंत्री और अधिकारी बैठक में शमिल होंगे। राज्य विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बैठक का विरोध किया है। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि किसानों, उपभोक्ताओं और बिजली कर्मचारियों के हितों को दरकिनार करके यह बिल लाया जा रहा है। यह अप्रत्यक्ष रूप से निजीकरण को बढ़ावा देने के लिए है। संगठन ने हर स्तर पर संशोधन बिल का विरोध करने की चेतावनी दी है।
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