जमशेदपुर, मार्च 27 -- शहर के चर्चित मानवाधिकार कार्यकर्ता जवाहर लाल शर्मा ने झारखंड विद्युत नियामक आयोग पर आरोप लगाया है कि वह सिर्फ जनसुनवाई का ढोंग करता है। वास्तव में वह पहले से तय कर चुका होता है कि दर बढ़ानी है। ऐसे में प्रश्न उठता है कि जनसुनवाई का औचित्य ही क्या है, जब सब कुछ एकतरफा ही करना है।उन्होंने कहा कि बिजली का टैरिफ बढ़ाए जाने अथवा नहीं बढ़ाए जाने के मुद्दे पर जनसुनवाई सभा में सक्रिय भागीदार रहे हैं। उन्होंने और कई अन्य लोगों ने टैरिफ बढ़ोतरी के खिलाफ जोरदार पक्ष व सबूत रखते हुए विरोध किया था। दूसरी तरफ कुछ ऐसे लोग जो संभवत कंपनी द्वारा प्रायोजित होते हैं, ऐसे ऐसे तर्क कंपनी के पक्ष में देते है और दी जा रही बिजली का गुणगान करते हैं कि आश्चर्य के साथ हंसी भी आती है। पर यह उनका प्रजातांत्रिक अधिकार है, वे ऐसा कर सकते हैं। परं...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.