विद्यालयों को सुरक्षित, संवेदनशील एवं मेंस्ट्रुअल फ्रेंडली बनाने पर जोर
कौशाम्बी, सितम्बर 20 -- विद्यालयी बालिकाओं के स्वास्थ्य, गरिमा, सुरक्षा एवं शिक्षा के अधिकार को ध्यान में रखते हुए मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) विषय पर ऑनलाइन उन्मुखीकरण बैठक आयोजित की गई। बैठक की मेजबानी एवं संचालन शालिनी कुशवाहा ने किया। बैठक में डॉ. जया ठाकुर बनाम भारत सरकार एवं अन्य मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के संदर्भ में मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन की व्यापक अवधारणा पर चर्चा की गई। यह भी पढ़ें- यूपी में छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी नैपकिन, स्कूल छोड़ चुकी किशोरियों को भी मिलेगा लाभबैठक की मुख्य बातें स्पष्ट किया गया कि एमएचएम केवल सेनेटरी नैपकीन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें स्वच्छ शौचालय, पानी, साबुन, मेंस्ट्रुअल अब्सोरबेंट्स, सुरक्षित डिस्पोजल, जागरूकता, शिक्षक संवेदनशीलता एवं छात्राओं को आवश्यक सहयोग भी शामि...
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