विद्यार्थियों ने साझा किए विकसित भारत के सपने
वाराणसी, अक्टूबर 2 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के योगसाधना केंद्र में गुरुवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत 'मेरे सपनों का भारत' विषय पर भाषण प्रतियोगिता हुई। विभिन्न विभागों के 41 छात्र-छात्राओं ने विकसित, आत्मनिर्भर, संस्कारित और विश्वगुरु भारत की अपनी परिकल्पना प्रस्तुत की। प्रतियोगिता में हर्ष पाण्डेय ने प्रथम, विवेक सुमन शर्मा ने द्वितीय और अभिषेक उपाध्याय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। रत्नेश अग्रहरी को सांत्वना पुरस्कार मिला। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों के सपनों का भारत ज्ञान, संस्कार, सेवा, अनुशासन, नैतिकता और राष्ट्रनिष्ठा पर आधारित होना चाहिए। मुख्य अतिथि पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. राजनाथ ने कहा कि सपनों का भारत केवल कल्पना नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार, सेवा और राष्ट्रनिष्ठा क...
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