बरेली, अप्रैल 9 -- इन्वर्टिस विश्वविद्यालय के डिपार्टमेंट ऑफ एप्लाइड साइंस एंड ह्यूमैनिटीज द्वारा बुधवार को विशेष सत्र का आयोजन किया गया। सत्र का विषय आधुनिक समाज में मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण रहा, जिसमें विद्यार्थियों को जीवन कौशल और मानसिक संतुलन के महत्व से अवगत कराया गया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ. सुनीता बी. मन्यम ने डायलेक्टिकल बिहेवियर थेरेपी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह तकनीक व्यक्ति को अपनी भावनाओं को समझने, नियंत्रित करने और सकारात्मक तरीके से व्यक्त करने में मदद करती है। डीबीटी के माध्यम से माइंडफुलनेस, इमोशनल रेगुलेशन, डिस्ट्रेस टॉलरेंस और इंटरपर्सनल इफेक्टिवनेस जैसी क्षमताओं का विकास किया जा सकता है। एप्लाइड साइंस एंड ह्यूमैनिटीज विभागीय डीन प्रो. पीपी सिंह ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में तनाव लेने के बजाय आत्मविश्वास...