विशेष संवाददाता, अगस्त 27 -- विदेशों से मेडिकल डिग्री लेकर आने वाले भारतीय छात्रों को विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा (एफएमजीई) परीक्षा में कुछ राहत मिलने के आसार हैं। सरकार की तरफ से परीक्षा को साल में दो की बजाय तीन बार करने और प्रश्नों की श्रेणियां तय करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। लेकिन सरकारी सूत्रों ने साफ कर दिया है कि जून में आयोजित हुई परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त अंक छात्रों को नहीं दिए जाएंगे। आपको बता दें कि विदेशों से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों को भारत लौटकर एफएमजीई (FMGE) पास करनी होती है, जिसके बाद ही उन्हें देश में डॉक्टरी करने की अनुमति मिलती है। इस टेस्ट को पास करना काफी कठिन होता है। बेहद चुनौतिपूर्ण मानी जाने वाली इस परीक्षा का रिजल्ट करीब 15 से 25 फीसदी ही रहता है। हालांकि इस बार नतीजे और भी कम आए हैं। जून स...