नई दिल्ली, जनवरी 3 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महिला का अंतरिम गुजाराभत्ता बढ़ाते हुए कहा है कि रकम गणित का जोड़-तोड़ कर तय नहीं की जा सकती। न्यायमूर्ति अमित महाजन की पीठ ने यह भी कहा है कि सिर्फ विदेशी मुद्रा में कमाई से पत्नी को पति की विदेशी कमाई को भारतीय रुपयों में बदलकर गुजाराभत्ते का दावा करने का अधिकार नहीं मिल जाता। उच्च न्यायालय महिला और उसके पति की पुनर्विचार याचिकाअें पर सुनवाई कर रही थी। यह याचिकाएं मई 2023 में एक फैमिली कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ़ दायर की गई है, जिसमें हर महीने 50 हजार रुपये का अंतरिम गुजाराभत्ता देने का आदेश दिया गया था। पत्नी ने रकम बढ़ाने की मांग की है, जबकि पति ने इस आदेश को चुनौती दी है। यह भी पढ़ें: मां को सबक सिखाने के लिए 4 दिन के बच्चे को बनाया निशाना, ऐसे खुली मामी की पोल पीठ ने कहा कि अंतरिम गुजाराभत...
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