प्रयागराज, जून 5 -- प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। विदेशों में अघोषित आय और संपत्तियां रखने वालों पर शिकंजा कसने के लिए बने ब्लैक मनी (अघोषित विदेशी आय एवं परिसंपत्तियां) तथा कर अधिरोपण अधिनियम-2015 के प्रावधान बेहद सख्त हैं। इस कानून के तहत गलत जानकारी देने या विदेशी संपत्तियों का खुलासा न करने पर भारी जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। यह जानकारी द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की कॉमर्शियल लॉज़ एवं इकोनॉमिक एडवाइजरी समिति के अध्यक्ष सीए संजय कुमार अग्रवाल ने दी।आईसीएआई की ओर से सिविल लाइंस स्थित एक होटल में आयोजित सेमिनार में उन्होंने ब्लैक मनी कानून के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि विदेशों में मौजूद आय, बैंक खाते, शेयर, अचल संपत्ति या अन्य परिसंपत्तियों की जानकारी छिपाना ग...