बाराबंकी, मार्च 7 -- बाराबंकी। रजईपुर स्थित प्रगतिशील किसान विपिन वर्मा का एग्रोइकोलॉजी फार्म इन दिनों अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा और प्रशिक्षण का हब बनता जा रहा है। शनिवार को यहां पर जर्मनी, पोलैंड और हंगरी से आए तीन शोधार्थियों जैकब (जर्मनी), अल्फर (पोलैंड) और सेम (हंगरी) ने एग्रोइकोलॉजी फार्म पर अपनाई जा रही प्राकृतिक एवं जैविक खेती की पद्धतियों को करीब से समझा। फार्म पर उन्होंने बीज संरक्षण की पारंपरिक तकनीकों का अध्ययन किया तथा यह जाना कि किस प्रकार स्थानीय बीजों को सुरक्षित रखकर कृषि की जैव विविधता को बचाया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने मुर्गी पालन, देसी गाय आधारित खेती और गाय व मुर्गी की बीट से तैयार होने वाली जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त की। विदेशी शोधार्थियों ने एग्रोइकोलॉजी मॉडल के अ...