अयोध्या, मार्च 31 -- अयोध्या, संवाददाता। वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन के अंतिम दिन 31 मार्च 2025 को रफ्ता-रफ्ता दिन गुजर रहा था। सोमवार की देर शाम तक सरकारी विभागों के लेखा कार्यालय गुलजार रहे के बाद मंगलवार को सार्वजनिक अवकाश के बाद भी खुल गए। लेखा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बिलों को बनाने और कोषागार में भुगतान के लिए भेजते रहे। वहीं 31 मार्च की देर रात तक गुलजार रहे कोषागार में मंगलवार को सुबह नौ बजे से ही हलचल शुरू हो गई। अलग-अलग विभागों से बिल पहुंचते रहे और मुख्य कोषाधिकारी के टेबल पर पारित होने के लिए कोषागार कर्मचारी रखते रहे। विभागों में बजट खपाने से लेकर बची हुई धनराशि को कोषागार में सरेंडर करने की होड़ लगी रही। हालांकि सरकारी विभागों का 96 प्रतिशत बजट की खपत कर दी गई। केवल तीन से चार प्रतिशत लगभग बजट ही कोषागार में सरेंडर किय...