विज्ञान और प्रौद्योगिकी का उद्देश्य मानव कल्याण हो
हरिद्वार, जुलाई 7 -- हरिद्वार, संवाददाता। स्विटजरलैण्ड के जिनेवा में एसेंशियल कन्वर्जेन्स: ग्लोबल कॉम्पैक्ट ऑन एक्सट्रीम एआई रिस्क्स विषय पर आयोजित हुआ। इसमें एकमात्र भारतीय हरिद्वार स्थित देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या मौजूद रहे। इस वैश्विक सम्मेलन में प्रमुख वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी का उद्देश्य मानव कल्याण होना चाहिए। एआई का विकास नैतिक चेतना, मानवीय संवेदनाओं और आध्यात्मिक मूल्यों के साथ होना आवश्यक है। तकनीकी प्रगति तभी सार्थक है, जब वह विश्वशांति और लोकमंगल का माध्यम बने।प्रतिकुलपति डॉ पण्ड्या ने बताया कि सम्मेलन में अमेरिका, चीन, यूरोपीय संघ, भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया तथा संयुक्त अरब अमीरात सहित अनेक देशों के नीति-निर्माताओ...
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