नई दिल्ली, मई 8 -- तमिलनाडु में सरकार बनाने को लेकर पेंच फंसता ही जा रहा है। किसी भी दल या गठबंधन के पास बहुमत नहीं होने के कारण अभी तक सरकार बनाने का रास्ता साफ नहीं हुआ है। इस बीच दक्षिण भारत के इस राज्य की राजनीति में एक ऐसा घटनाक्रम देखने को मिल रहा है, जिसकी कल्पना पिछले 50 वर्षों में किसी ने नहीं की थी। अभिनेता से नेता बने विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए राज्य के दो सबसे बड़े कट्टर प्रतिद्वंद्वी डीएमके और एआईएडीएमके हाथ मिला सकते हैं। दोनों को साथ लाने में भाजपा बड़ी भूमिका निभा सकती है। एनडीटीवी ने अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह बात कही है। डीएमके के उदयनिधि स्टालिन गुट को डर है कि विजय का उदय पूर्व मुख्यमंत्री एम.जी. रामचंद्रन (MGR) के दौर की याद दिला सकता है। एमजीआर ने अपने ...