नई दिल्ली, अगस्त 14 -- देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें तमिलनाडु सरकार द्वारा सितंबर 2025 में हुए करूर भगदड़ (Karur stampede) में मारे गए 41 लोगों के परिजनों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने के फैसले को रद्द कर दिया गया था। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने तमलनाडु सरकार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश पारित किया है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट किया कि जब तक इस मामले की अगली सुनवाई नहीं होती तब तक हाईकोर्ट का फैसला स्थगित रहेगा। इस सुनवाई के दौरान अदालत ने हादसे की त्रासदी का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी, जिसके कारण सरकार ने पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने का फैसला...