बांका, अप्रैल 21 -- बांका, एक संवाददाता। शहर के विजयनगर स्थित प्राचीन महादेव स्थान इन दिनों उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां स्थापित शिवलिंग स्वयं प्रकट हुए थे, जिसके बाद ग्रामीणों ने मंदिर का निर्माण कराया। वर्षों पूर्व यहां भव्य यज्ञ का आयोजन भी हुआ था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे। समय के साथ इस स्थल की धार्मिक महत्ता और बढ़ी, खासकर जब यहां द्वादश ज्योतिर्लिंग की स्थापना की गई। बताया जाता है कि प्रारंभ में पूजा-अर्चना की जिम्मेदारी पुजारी कृष्णदेव पांडा को दी गई थी, लेकिन आपसी विवाद में उनकी मृत्यु के बाद कुछ समय तक पूजा व्यवस्था प्रभावित रही। यह भी पढ़ें- एकारी टोला में धार्मिक स्थल क्षतिग्रस्त, जांच में जुटी पुलिस बाद में स्थानीय पुजारी ने इसकी जिम्मेदारी संभाली, जिसके बाद से नियमित पूजा जारी...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.