लखनऊ, अगस्त 31 -- राष्ट्रवादी विचारों की यात्रा है राष्ट्रधर्म। इसमें निरन्तरता बनी रहनी चाहिये और इसे समाज के सभी वर्गों तक बार-बार पहुंचना चाहिये। यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने कही। वे राष्ट्रधर्म मासिक पत्रिका के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थ उन्होंने कहा कि आज विचारों को भ्रमित करने का कार्य योजनाबद्ध रूप से किया जा रहा है। इससे सतर्क रहने और इसे समझने की आवश्यकता है। ऐसी परिस्थिति में राष्ट्रधर्म जैसी पत्रिका का महत्त्व अत्यधिक बढ़ जाता है क्योंकि यह राष्ट्रवादी विचारों के साथ निश्चित दिशा में चलकर समाज, संस्कृति और राष्ट्र के हित का कार्य कर रही है। इसी क्रम में स्वांत जी ने दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी और भाउराव देवरस के प्रयासों का उल्लेख ...