सुपौल, मई 14 -- त्रिवेणीगंज, निज प्रतिनिधि। बिहार में बुनियादी ढांचे की चुनौतियों और भागलपुर परिवहन मार्गों के बंद होने का सीधा प्रहार अब आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। भागलपुर के विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने और मनिहारी-साहिबगंज अंतर्राज्यीय फेरी सेवा का परिचालन ठप होने से सुपौल समेत पूरे कोसी और सीमांचल क्षेत्र में भवन निर्माण सामग्री की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। घर बनाने का सपना देख रहे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अब लाल बालू और पत्थर की गिट्टी की कीमतें 'आंखों में चुभने' लगी हैं। ​फेरी सेवा बंद होने के कारण ट्रकों को अब झारखंड के राजमहल घाट से पश्चिम बंगाल के मानिकचक होकर या फिर मोकामा-बेगूसराय के लंबे रास्ते से होकर आना पड़ रहा है। इस वैकल्पिक मार्ग से दूरी लगभग दोगुनी हो गई है, जिससे डीजल की खपत और समय दोनों बढ़ गए हैं। पर...