नवादा, जून 23 -- आजादी के दशकों बाद भी आधुनिकता और विकास की चकाचौंध के बीच एक कड़वी हकीकत नगरीय व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रही है। नवादा जिले के नगरीय क्षेत्रों में स्थित झुग्गी-झोपड़ियों का हाल आज बेहद बदतर है। यहां रहने वालों का कोई सुधि लेने वाला नहीं है। जिले के विभिन्न शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में करीब 15 हजार की आबादी आज भी समाज की मुख्य धारा से कटी हुई है और बेहद कष्टकारी व नारकीय जीवन जीने को विवश है। पानी, बिजली, स्वास्थ्य और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं इन झुग्गी वासियों के लिए आज भी एक दूर का सपना बनी हुई हैं। लोग अपने स्तर से टूटे-फूटे इंतजाम कर किसी तरह जिंदगी की गाड़ी खींच रहे हैं। नवादा नगर परिषद क्षेत्र के अधीन पम्पूकल चौक के समीप स्थित अनधिसूचित मलिन बस्ती इस व्यवस्था का सबसे बड़ा उदाहरण है। यहां लगभग 50 घरों में 200 से अधिक लोग...