गोपालगंज, जून 3 -- गोपालगंज। पर्यावरण संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर लगाए गए हरे और छायादार पेड़ों की बड़े पैमाने पर कटाई जिले में चिंता का विषय बन गई है।

पर्यावरणीय प्रभाव नहरों की सफाई और सड़कों के चौड़ीकरण के नाम पर पिछले तीन महीनों में 10 हजार से अधिक हरे पेड़ काट दिए गए हैं।

वन्यजीव एवं पर्यावरणीय प्रभाव विभागीय सूत्रों का मानना है कि जारी परियोजनाओं को देखते हुए आने वाले महीनों में यह संख्या दोगुनी से भी अधिक हो सकती है।

पेड़ कटना और पर्यावरण जिले में पर्यावरण संरक्षण के लिए हर वर्ष बड़े पैमाने पर पौधारोपण कराया जाता है।

जलवायु परिवर्तन का खतरा विशेषज्ञों का मानना है कि हरित आवरण में कमी के कारण जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है।

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