नई दिल्ली, मई 1 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं और तनाव के बीच भारत के सामने राजकोषीय घाटे से लेकर महंगाई जैसी तमाम चुनौतियां हैं लेकिन उन सबके बावजूद आर्थिक विकास को गति देने के तमाम अवसर भी मौजूद हैं। शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित एक कांफ्रेंस में 15वें वित्त आयोग के चेयरमैन रहे व इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक ग्रोथ के वर्तमान अध्यक्ष एनके सिंह ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए सालाना आठ प्रतिशत दर आर्थिक विकास दर (जीडीपी) का लक्ष्य हासिल करना होगा जबकि एफडीआई को जीडीपी के तीन प्रतिशत तक लाने की जरूरत है।
आर्थिक स्थिति का अवलोकन अशोका यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित आईसीपीपी ग्रोथ कॉन्फ्रेंस में एनके सिंह ने कहा कि मौजूदा समय में अर्थव्यवस्था के सामने महंगाई से लेकर वित्तीय दबाव है, लेकिन फिर भी ...
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