रांची, मार्च 17 -- रांची, विशेष संवाददाता। केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (सीयूजे) के राजनीति विज्ञान एवं लोक प्रशासन विभाग की ओर से- झारखंड में जनजातीय उत्थान: विकसित भारत 2047 के लिए नीति, संस्कृति और सतत विकास का एकीकरण, विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन मंगलवार को हुआ। इसमें देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधार्थियों और नीति विशेषज्ञों ने जनजातीय विकास के विविध आयामों पर गहन विचार-विमर्श किया। समापन सत्र में विभाग की छात्रा ऋतुपर्णा ने रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें उन्होंने सम्मेलन के दौरान हुए सभी तकनीकी सत्रों, शोध प्रस्तुतियों और चर्चाओं का विस्तृत सार प्रस्तुत किया। मुख्य वक्ता अमिताभ घोष ने झारखंड की प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत को विकास का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि अगर भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्...
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