आजमगढ़, अप्रैल 17 -- आजमगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 का विकसित भारत @2047 में योगदान' विषय पर शुक्रवार को संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी, लैंगिक समानता एवं समावेशी विकास के महत्व पर व्यापक चर्चा करना रहा। इस मौके पर विशिष्ट वक्ता डॉ. मनमोहन विश्वकर्मा ने अधिनियम के प्रावधानों, इसके संभावित प्रभावों तथा क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से अपनी बात रखी। मुख्य वक्ता डॉ. पंकज सिंह ने कहा कि यह अधिनियम केवल एक कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की एक सशक्त शुरुआत है, जो महिलाओं को निर्णय-निर्माण की प्रक्रिया में सशक्त बनाएगा। यह भी पढ़ें- भाषण और कहानी प्रतियोगिता से बढ़ी जागरूकता कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि नार...
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