देहरादून, अप्रैल 22 -- देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (दून अस्पताल) में नवजात शिशुओं की जन्मजात बीमारी क्लबफुट (टेढ़े पैर) का इलाज उम्मीद की नई किरण बनकर उभरा है। अस्पताल में पिछले दो वर्षों के भीतर 100 से अधिक बच्चों का मुफ्त इलाज कर उन्हें सामान्य जीवन जीने की राह दिखाई गई है। प्राचार्य प्रो. डॉ. गीता जैन, एमएस प्रो. डॉ. आरएस बिष्ट और हड्डी रोग विभाग के एचओडी प्रो. डॉ. अनिल जोशी के मार्गदर्शन में यह सेवा संचालित की जा रही है। क्लबफुट ट्रीटमेंट इंचार्ज डॉ. इंद्रजीत भौमिक और डॉ. आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि क्लबफुट एक जन्मजात विकृति है, जिसे समय पर उपचार मिलने पर केवल प्लास्टर (पोंसेटी पद्धति) द्वारा पूर्ण रूप से ठीक किया जा सकता है। इस विधि की सफलता के बाद बच्चे भविष्य में सामान्य रूप से चल-फिर सकते हैं। यह भी पढ़ें- पांच...