देवरिया, दिसम्बर 31 -- बरहज, हिन्दुस्तान संवाद। अगर बरहज पुलिस से न्याय की उम्मीद लगाए हैं तो फिर आप गफलत में है। न्याय के लिए अगर आपने संघर्ष का रास्ता अख्तियार किया तो फिर तैयार रहिए मुकदमा और जेल जाने के लिए। क्योंकि पुलिस अपने खिलाफ उठने वाली आवाज को दबाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। यह बात यूं ही नहीं कही जा रही। रतन सोनकर की मौत के बाद न्याय की लड़ाई का दमन होना इसका प्रमाण भी है। रतन सोनकर की मौत के बाद जब पुलिस ने स्कूल संचालक पर कार्रवाई नहीं कि तो पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए भाजपा नेता अमित जायसवाल, लव सोनकर, अमरजीत सोनकर के नेतृत्व में सकड़ों लोग 24 दिसंबर को सड़क पर उतर गए। प्रदर्शन कर बाजार बंद कराया और मुख्य चौक पर धरना दिया। आंदोलन करियों ने पीड़ित परिवार को न्याय न मिलने के लिए थानाध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराते हुए उ...
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