मुजफ्फरपुर, मई 18 -- मुजफ्फरपुर। मध्य-पूर्व एशिया में जारी तनाव के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी ने घर, कार्यालय, उद्योग, व्यापार, बाजार से लेकर रोजमर्रा की जिंदगी के हिसाब-किताब को बिगाड़ दिया है। पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ी कीमतों के बाद पहले से मुश्किल में फंसे ट्रांसपोर्टर बस व डीजल ऑटो किराया बढ़ाने की तैयारी में हैं। सीएनजी ऑटो व ई-रिक्शा चालक इस आपदा में सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट को जिंदा रखने के अवसर तलाश रहे हैं। उनका कहना है कि शहर में जगह-जगह सार्वजनिक चार्जिंग प्वाइंट लगाया जाए। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी पर एकमुश्त बड़ी छूट मिले तो यह उनके साथ आम जनता के लिए लाभप्रद साबित होगा। किराए में बढ़ोतरी नहीं होने से सामान्य राहगीर की सार्वजनिक वाहन पर निर्भरता बनी रहेगी और डीजल व पेट्रोल के दाम बढ़ने का असर उनपर नहीं पड...