नई दिल्ली, नवम्बर 14 -- वास्तु शास्त्र के अनुसार आग्नेय कोण पूर्व और दक्षिण दिशा होती है। आग्नेय दिशा के स्वामी अग्निदेव हैं। इस दिशा का आधिपत्य शुक्र ग्रह के पास है। इस दिशा में पूर्व और दक्षिण का समावेश रहता है। घर खरीदन रहे है, तो आपको इन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि इस दिशा में ऐसी चीज ना हो, जो आपके घर के वास्तु के दोष को बढ़ा दे। इससे कई प्रकार की समस्याएं आपके सामने आएंगी। इस दिशा में सूर्य की किरणें पड़ती हैं, जिससे यह दिशा अन्य दिशाओं से गर्म रहती हैं। इसलिए इस दिशा में जल से जुड़ी कोई चीज ना रखें । इस दिशा में रसोईघर अच्छा रहता है। क्योंकि अग्निक्षेत्र में अग्नि के पदार्थ लाभकारी होते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि इसकोण में बोरिंग, नल, हैंडपंप और पानी की टंकी यहां अच्...
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