वास्तुकला के बदलते दौर में नई सोच और तकनीक पर मंथन
कानपुर, अगस्त 1 -- कानपुर। युवा आर्किटेक्ट्स कम्युनिटी (वाईएसी) की ओर से शनिवार को फ्रेम द फ्यूचर बाय टोटालिस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा आर्किटेक्ट्स को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना, जहां वे वास्तुकला के बदलते स्वरूप, नई तकनीकों और पेशेवर चुनौतियों पर विशेषज्ञों के साथ संवाद कर सकें। मुख्य अतिथि आईआईए उत्तर प्रदेश चैप्टर आर्किटेक्ट के अध्यक्ष संदीप कुमार सरस्वत ने कहा कि बदलते समय में वास्तुकला को केवल सुंदर इमारतों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। पर्यावरण संरक्षण, तकनीकी नवाचार और सतत विकास को ध्यान में रखते हुए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप डिजाइन तैयार करना समय की मांग है। राजेश सिंह, अंशुमान शुक्ला, संजय देव ने निर्माण क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों, परियोजना प्रबंधन, नवाचार और पेशेवर उत्कृष्टता से जुड़े अनुभव साझा किए। य...
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