नई दिल्ली, अगस्त 10 -- भगवान शिव की नगरी रहस्यों से भरी है, खासकर नागपंचमी पर होने वाली नागों की पूजा के लिए तो यहां नागों के रहस्यमयी मंदिर हैं, जिनका नाता पुराणों में भी मिलता है। इस साल नाग पंचमी 17 अगस्त हैं और लोग कालसर्प दोष की पूजा के लिए अकसर यहां आते हैं। आज हम इसी को लेकर बात करेंगे काशी में नागराज वासुकी के नाम से भी शिवलिंग है। मान्यता है कि सर्पदोष से मुक्ति के लिए सिंधिया घाट स्थित वासुकीश्वर महादेव की पूजा बहुत फलदायक होती है। काशी खंड के अध्याय 66 में भगवान कार्तिकेय ने वासुकीश्वर शिवलिंग का महात्म्य बताया है। इस मंदिर में अन्नदान का भी विशेष महत्व बताया गया है। वासुकीश्वर मंदिर में नागराज वासुकी का विग्रह भी है। यहां नाग पंचमी पर दर्शन-पूजन और रुद्राभिषेक का खास महत्व है। ऐसी मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय जब नागराज वास...