गुड़गांव, जून 22 -- फरीदाबाद, अभिषेक शर्मा। स्मार्ट सिटी में मौसम में बदलाव और बढ़ती उमस का असर लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। उमसभरी गर्मी के कारण वायरल बुखार, त्वचा संबंधी बीमारियों और डायरिया के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। 15 दिनों में इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है। बीके अस्पताल और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में पहले जहां इन बीमारियों के मरीजों की संख्या प्रतिदिन करीब 30 से 35 तक थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 60 से 70 तक पहुंच गई है। बीके अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दारा सिंह राठी के अनुसार उमस के मौसम में लगातार पसीना आने से त्वचा पर नमी बनी रहती है, जिससे फंगल इंफेक्शन और अन्य त्वचा रोगों की समस्या बढ़ जाती है। इन दिनों में त्वचा का कटना, दाद-खाज और त्वचा का लाल होना जैस...