नई दिल्ली, जुलाई 7 -- केरल के वायनाड में मंगलवार को हुए भयानक भूस्खलन ने एक बार फिर विकास और पर्यावरण के संतुलन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में कम से कम तीन लोगों की जान जा चुकी है और सात लोग अब भी लापता हैं। कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब इस मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। पता चला है कि अगर प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लिया गया होता, तो शायद यह हादसा टल सकता था। केरल के पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री सनी जोसेफ ने साफ तौर पर कहा है कि यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि एक 'मैन-मेड' यानी इंसानी लापरवाही से पैदा हुआ हादसा है।कलेक्टर की चिट्ठी को किया गया नजरअंदाज एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, असल में, वायनाड की जिला कलेक्टर मेघाश्री डी आर ने करीब दो हफ्ते पहले (20 जून को) ही एक सख्त चिट्ठी लिखी थी। इस चिट...