पथानामथिट्टा, मई 4 -- केरल की राजनीति में एक बार फिर इतिहास ने करवट ली है। सोमवार को जारी विधानसभा चुनाव की मतगणना के नतीजे साफ बता रहे हैं कि वामपंथी गठबंधन (LDF) की सत्ता से विदाई हो रही है और कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) को प्रचंड बहुमत मिल रहा है। चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 140 सीटों वाली विधानसभा में अकेले कांग्रेस 60 से ज्यादा सीटों जीत रही है। लेकिन इस भारी जीत और वामपंथियों की हार के पीछे सिर्फ 'एंटी-इनकंबेंसी' यानी सत्ता विरोधी लहर नहीं है। केरल की सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक एक ही चर्चा है- क्या वामपंथी सरकार को भगवान अयप्पा का क्रोध ले डूबा? क्या सबरीमाला मंदिर में हुए 'सोना घोटाले' ने LDF की राजनीतिक लंका लगा दी? आइए समझते हैं कि आखिर कैसे एक धार्मिक और प्रशासनिक घोटाले ने केरल की चुन...
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