बागपत, मार्च 21 -- दाहा। दोघट कस्बे के शिव दुर्गा मंदिर में चल रही श्रीमद भागवत कथा में तीसरे दिन कथा वाचक पंडित विजय कांत भारद्वाज ने भगवान विष्णु के वामन अवतार की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भरत जी का जन्म एक अत्यंत तपस्वी ब्रह्मर्षि के घर हुआ। उनका नाम 'जड़ भरत' पड़ा। वे समस्त ब्राह्मण गुणों से अध्ययन की आवश्यकता नहीं पड़ी,क्योंकि मृग देह में ही उनका भजन पूर्ण हो गया था। इसके बाद उन्होंने वामन अवतार की कथा सुनाई। बताया कि दैत्यराज बलि ने इंद्र को परास्त कर स्वर्ग पर अधिकार कर लिया था। तब भगवान विष्णु ने वामन रूप धारण किया था। कथा के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया। इस मौके पर प्रधान विक्रम शर्मा, मास्टर महेंद्रपाल शर्मा, ब्रजपाल शर्मा, राजेंश शर्मा, सत्यवान, बुध प्रकाश शर्मा, रामपाल, ओमकार, डाक्टर उधम सिंह आदि मौजूद रहे।
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