हाथरस, जून 7 -- मुरसान। घूरेमल बगीची में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन भगवान वामन अवतार व समुद्र मंथन का प्रसंग सुनाया गया। कथा सुनकर भक्त भावुक हो गए। कथा वाचक पंडित बालकिशन ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से मनुष्य के कई जन्मों के पापों का क्षय हो जाता है। हमें भागवत कथा सुनने के साथ साथ उसकी शिक्षाओं पर भी अमल करना चाहिए। वामन अवतार के रूप में भगवान विष्णु ने राजा बलि को यह शिक्षा दी कि दंभ तथा अहंकार से जीवन में कुछ भी हासिल नहीं होता है। यह धन संपदा क्षण भंगुर होती है। इसलिए इस जीवन में परोपकार करों।उन्होंने कहा कि अहंकार, गर्व, घृणा और ईर्ष्या से मुक्त होने पर ही मनुष्य को ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। ईर्ष्यालु व्यक्ति अपने जीवन में कभी तरक्की नहीं कर सकता। ऐसे व्यक्तियों को भगवान सूर्य, वायु, नदियों, बादलों व वृक्षों इत्...