नई दिल्ली, नवम्बर 27 -- दिल्ली हाईकोर्ट में गुरुवार को आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े की एक याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में उन्होंने वेब सीरीज 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की। याचिका का विरोध करते हुए ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स ने गुरुवार को हाईकोर्ट में कहा कि उक्त सीरीज व्यंग्यात्मक और डार्क कॉमेडी पर आधारित है। इस पर रोक लगाने की कोई कानूनी वजह नहीं बनती है। याचिका में वानखेड़े का कहना है कि यह सीरीज उन्हें बदनाम करती है और इसे सभी प्लेटफॉर्म से हटाया जाए। न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ के समक्ष नेटफ्लिक्स की ओर से वरिष्ठ वकील राजीव नायर ने दलील दी कि यह वेब सीरीज एक व्यंग्यात्मक है, जो बॉलीवुड की कार्यशैली पर व्यंग्य करती है। ऐसे मामलों में मानहानि का स्तर बहुत ऊंचा होता है, जिसे शुरुआती चरण में साबित नही...
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