नई दिल्ली, मार्च 25 -- मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने एक याचिककर्ता के पिता द्वारा उनके भाई को फोन कॉल कर चिकित्सा के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में अल्पसंख्यक आरक्षण से संबंधित एक न्यायिक आदेश पर आपत्ति जताने को लेकर, बुधवार को कड़ी नाराजगी जताई। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) ने बुधवार को इस 'चौंकाने वाली' घटना का जिक्र करते हुए नाराजगी जताई। नाराजगी जताई। सीजेआई ने कहा कि ऐसा करने की हिम्मत कोई नहीं करता। और आपको लगता है कि मैं इस वजह से मामला स्थानांतरित कर दूंगा? मैं पिछले 23 वर्षों से ऐसे तत्वों से निपटता आ रहा हूं। उन्होंने कहा कि अब आप हमें बताइए कि हमें आपके मुवक्किल के पिता के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही क्यों नहीं शुरू करनी चाहिए। उन्होंने (पिता ने) क्या किया है, क्या मुझे उसे खुली अदालत में बताना चाहिए? मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि व...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.