जहानाबाद, मई 9 -- मेहंदिया, निज समवाददाता। नाथ खरसा गांव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन शनिवार को हुआ। स्वामी राम परपन्नाचार्य जी महाराज के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।इस अवसर पर पहुँचे स्थानीय विधायक मनोज शर्मा ने कहा कि वेदों में यज्ञ को श्रेष्ठतम कर्म कहा गया है। यज्ञ सिर्फ अग्नि में आहुति देना नहीं है, बल्कि यह पूरे वातावरण, मन और समाज को शुद्ध करने की वैज्ञानिक प्रक्रिया है। जदयू के युवा नेता निरंजन केशव प्रिंस ने कहा कि यज्ञ के दौरान स्वाहा बोलते हुए जब हम अपनी बुराइयों की आहुति देते हैं तो मन का अहंकार, क्रोध, लोभ जलता है। मंत्रों की ध्वनि से मस्तिष्क में सकारात्मक तरंगें पैदा होती हैं। इदं न मम यानी यह मेरा नहीं, सब प्रभु का है। यह भाव यज्ञ सिखाता है। त्याग और सेवा की भावना से मन पवित्र हो...