नई दिल्ली, नवम्बर 24 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी की अर्जी पर सुनवाई आठ दिसंबर तक के लिए टाल दी। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने अर्जी में रासुका के तहत अपने पति की हिरासत को गैर-कानूनी और उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने वाला एक मनमाना कृत्य बताया है। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ ने मामले की सुनवाई उस वक्त टाल दी, जब केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने वांगचुक की पत्नी के जवाब पर अपना पक्ष रखने के लिए मोहलत मांगी। शीर्ष अदालत ने 29 अक्तूबर को वांगचुक की पत्नी की संशोधित अर्जी पर केंद्र और लद्दाख प्रशासन से जवाब मांगा था। संशोधित अर्जी के मुताबिक हिरासत का आदेश पुरानी प्राथमिकी, अस्पष्ट आरोपों और अनुमानों पर आधा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.