प्रयागराज, जनवरी 22 -- प्रयागराज। ऋतुएं छह प्रकार की होती हैं, इसमें वसंत का विशेष महत्व है। वसंत पंचमी बदलाव का प्रतीक है। प्रकृति परिवर्तन देखने को मिलने लगता है। पृथ्वी सुंदर-सुंदर परिधान पुष्पों से लक्षण धारण करती है। पुष्पों से सुसज्जित होती हैं। इसी दिन को सरस्वती देवी का भी प्राकृतिक उत्सव मनाया जाता है। माता सरस्वती के आगमन से सृष्टि में अपार सुख आनंद की अनुभूति होती है। यह बातें परमहंस संत प्रभाकर ने माघ मेला सेक्टर पांच स्थित गायत्री गंगा चैरेटेबल ट्रस्ट के शिविर में चल रही कथा के दौरान कही। उन्होंने लोगों को वसंत के महत्व के बारे में बताया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.