जमुई, जून 17 -- सोनो। निज संवाददाता बरनार नदी का पानी जो कि नदी किनारे बसे गांव के कृषि व कृषकों के लिये बरदान हुआ करता था लेकिन जब से नदी से बालू खनन का कार्य शुरू हुआ बरनार नदी इन गांवों के लिए अभिशाप बन गया है। बेतरतीब तरीके से बालू खनन के कारण नदी गहरी हो गई जिससे खेतों की सिंचाई बाधित हो गई तो दूसरी और बालू उठाव के बाद नदी में बन आये बड़े-बड़े गड्ढे के कारण आए दिन जान माल की क्षति का सामना करना पड़ रहा है। बालू उठाव के बाद बने गड्ढे न जाने कितनी माताओं की गोद सुनी कर दी है तो न जाने कितनी सुहागिनों को सुहाग उजाड़ दी है。 यह भी पढ़ें- वर्ष भर फसलों की हरियाली से हरा भरा रहने वाला गांव की भूमि हुई मरुभूमि में तब्दीलबरनार नदी का प्रभाव बरनार नदी के पानी से बरनार नदी किनारे बसे गांवों की भूमि जो वर्ष भर लहलहाते फसलों की हरियाली से हरा भरा रहत...