दुमका, फरवरी 11 -- जामा, प्रतिनिधि।जामा प्रखंड में पेयजल आपूर्ति को लेकर बनाई गई सरकारी व्यवस्था अब खुद बदहाली का शिकार हो चुकी है। जामा प्रखंड मुख्यालय परिसर, जामा चौक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में वर्ष 2014 में पेयजलापूर्ति विभाग द्वारा बनाए गए जलमीनार (पानी की टंकी) वर्षों से बेकार पड़े हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इन जलमीनारों से केवल लगभग 1 वर्ष तक ही नियमित रूप से पेयजल आपूर्ति हो सकी थी। इसके बाद तकनीकी खराबी, रखरखाव की कमी और विभागीय लापरवाही के कारण यह पूरी व्यवस्था ठप हो गई। बताया जाता है कि इन जलमीनारों का उद्घाटन तत्कालीन सांसद शिबू सोरेन द्वारा किया गया था। उद्घाटन के समय क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी थी कि अब जामा में शुद्ध पेयजल की समस्या खत्म हो जाएगी, लेकिन कुछ ही समय बाद यह योजना कागजों में सिमट कर रह गई। सबसे...