वर्षों बाद मिले गुरु तो छलक उठीं नोबिलियंस की आंखें
धनबाद, अगस्त 10 -- उम्र बढ़ी, जिम्मेदारियां बदलीं और जिंदगी ने सबको अलग-अलग मुकाम तक पहुंचा दिया, लेकिन स्कूल की यादें आज भी दिल में वैसी ही हैं। रविवार को नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित सिविल सर्विसेज ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट (सीएसओआई) में कुछ ऐसा ही भावुक नजारा देखने को मिला। एएनएए-टीजी (ऑल नोबिलियंस अचीवर्स एसोसिएशन-द ग्लोबल) नॉर्थ इंडिया-दिल्ली रीयूनियन 4.0 में वर्षों बाद जब डिनोबिली स्कूल डिगवाडीह, सीएमआरआई, सिंदरी, सिजुआ, मैथन, मुगमा, चंद्रपुरा के पुराने सहपाठी और गुरु आमने-सामने हुए तो बीते दिनों की यादें ताजा हो गईं। किसी ने पुराने किस्से सुनाए तो किसी ने अपने शिक्षक के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। समारोह में देश के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत नोबिलियंस अपने परिवार के साथ पहुंचे थे। जैसे ही स्कूल की पारंपरिक प्रार्थना स...
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