गुड़गांव, अप्रैल 6 -- गुरुग्राम। देश-विदेश में स्वास्थ्य हब के रूप में पहचान बनाने वाले इस शहर में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की कमी नहीं है, लेकिन इन सुविधाओं का बड़ा हिस्सा निजी अस्पतालों के भरोसे टिका हुआ है। यहां 10 से अधिक बड़े निजी अस्पतालों में रोजाना हजारों मरीजों का इलाज होता है, जिनमें विदेशों से आने वाले मरीज भी शामिल हैं, लेकिन इन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए लोगों को अच्छी-खासी रकम खर्च करनी पड़ती है। दूसरी ओर, सरकारी स्वास्थ्य ढांचा अभी भी उस स्तर तक नहीं पहुंच पाया है, जहां आमजन को सुलभ और किफायती इलाज मिल सके। लंबे समय से लंबित 400 बेड अस्पताल से जुड़ी उम्मीदें:जिले में लंबे समय से प्रस्तावित 400 बेड के सरकारी अस्पताल का निर्माण अब भी पूरा होने का इंतजार कर रहा है। यह परियोजना पूरी होने के बाद गुरुग्राम के सरकारी स्वास्थ्य ढां...