बोकारो, मई 14 -- प्रखंड के कंडेर पंचायत के होन्हे गांव में किसानों के बीच किसान गोष्ठी का आयोजन कृषि विभाग आत्मा के सौजन्य से किया गया। प्रखंड तकनीकी प्रबंधन बबलू सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करना बहुत ही जरूरी है। सबसे पहले किसान मिट्टी की जांच कराए और सॉइल हेल्थ कार्ड के अनुसार मिट्टी में उर्वरकों का प्रयोग करें।

हरी खाद के फायदे साथ ही उन्होंने हरी खाद तैयार करने के लिए किसानों को बताया कि किसान खाद मिट्टी की उपजाऊ क्षमता और जैविक कार्बन को बढ़ाने का एक प्राकृतिक तरीका है, जिसमें ढैंचा, सनई या लोबिया जैसी फसलें उगाकर 45-55 दिनों में फूल आने से पहले रोटावेटर से मिट्टी में पलट दी जाती है। यह प्रक्रिया मिट्टी में नाइट्रोजन (20-40 फीसद तक वृद्धि) व अन्य पोषक तत्वों की आपूर्ति कर फसल उत्पादन बढ़ाती है। हरी खाद...