संभल, अप्रैल 14 -- शिव गोरख मंदिर समिति द्वारा श्रीकल्कि पधारो धरती पर श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित साप्ताहिक सोमवारीय महाकालेश्वर यज्ञ में आध्यात्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। यज्ञ के उपरांत यज्ञाचार्य डॉ. नागेन्द्र मोहन श्रीमाली ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कर्म और भविष्य के गहरे संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनुष्य का वर्तमान ही उसके भविष्य का निर्माता होता है। सृष्टि की रचना के समय ही ईश्वर ने यह नियम निर्धारित किया कि प्रत्येक जीव अपने कर्मों के अनुसार ही फल प्राप्त करेगा। व्यक्ति के शुभ, अशुभ और मिश्रित कर्म ही उसके जीवन में सुख-दुख का कारण बनते हैं। यह भी पढ़ें- यज्ञ नारायण भगवान की परिक्रमा से समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति: सावन जी महाराज उन्होंने समझाया कि वर्तमान में किए जा रहे कर्म ...