लखनऊ, मार्च 2 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। वर्टिकल व्यवस्था की वजह से गर्मियों में उपभोक्ताओं को बिजली संकट झेलना पड़ सकता है। इसकी वजह संविदा कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी होना बताया जा रहा है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त परिषद और उपभोक्ता परिषद ने भी इसी तरह के दावे किए हैं। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि प्रदेश में लगभग तीन करोड़ 72 लाख विद्युत उपभोक्ता हैं, जिन्होंने कुल आठ हजार किलोवॉट से ज्यादा की स्वीकृति की है जबकि 132 केवी उपकेंद्रों की उपलब्ध क्षमता लगभग 6 करोड़ किलोवॉट के आसपास है। ऐसी स्थिति में बिजली आपूर्ति सुचारू रखने के लिए संविदा और नियमित कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए लेकिन इसके विपरीत छंटनी की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्टिकल व्यवस्था के बाद से ही उपभोक्ताओं की शिकायतों की...
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